Friday, 13 February 2026

पूजा अग्निहोत्री

 4 सितंबर को छतरपुर (मध्य प्रदेश) में जन्मी पूजा अग्निहोत्री समकालीन हिंदी साहित्य की सक्रिय और बहुआयामी रचनाकार हैं। विज्ञान से इंटरमीडिएट, कला संकाय से स्नातक, अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक तथा पीजीडीसीए की शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात वे स्वतंत्र लेखन एवं पटकथा लेखन से निरंतर जुड़ी हुई हैं।


पूजा अग्निहोत्री की लेखनी कथा, कविता, लघुकथा, नज़्म, समीक्षा और आलोचना—सभी विधाओं में समान अधिकार से संचरित होती है। उनकी कथेतर पुस्तक लोक के राम (2025, स्पर्श प्रकाशन, पटना) उनके वैचारिक और शोधपरक लेखन का प्रमाण है। इसके अतिरिक्त उनकी रचनाएँ देश की अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं—गृहशोभा, लघुकथा कलश, विश्वगाथा, स्रवन्ति, दृष्टि, क्षितिज, पलाश, साहित्य कुञ्ज, पुरवाई आदि—में निरंतर प्रकाशित होती रही हैं।

समाचार-पत्रों जैसे दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, राजस्थान पत्रिका, पंजाब केसरी, दैनिक नवभारत तथा हरिभूमि में उनके साहित्यिक-सामाजिक आलेख, समीक्षाएँ और आलोचनात्मक लेख प्रकाशित होते रहे हैं। उनकी रचनाएँ तेलुगु, उड़िया, कन्नड़ और नेपाली सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनूदित होकर व्यापक पाठक-वर्ग तक पहुँची हैं।

वे ‘काव्य पुंज’, ‘काव्य निहारिका’ और ‘दास्तान-ए-किन्नर’ जैसे साझा संकलनों का हिस्सा रही हैं। यूट्यूब चैनलों (किडलॉजिक्स, बैडटाइम स्टोरी) के लिए पटकथा लेखन के माध्यम से उन्होंने डिजिटल मंच पर भी अपनी सृजनात्मक उपस्थिति दर्ज की है।

उनकी साहित्यिक प्रतिभा को अनेक मंचों पर सम्मानित किया गया है। साहित्य संवेद साहित्यिक संस्था की फणीश्वर रेणु स्मृति क्विज में द्वितीय स्थान, विश्व गाथा साहित्यिक पत्रिका द्वारा सम्मान, ‘नया लेखन, नया दस्तख़त’ लघुकथा प्रतियोगिता में ‘गर्व’ का पुरस्कृत होना, कथा समवेत पत्रिका की अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता-2022 में ‘नई माँ’ को प्रोत्साहन पुरस्कार, तथा हिंदी अकादमी मुंबई द्वारा आयोजित लघुकथा लेखन प्रतियोगिता-2025 में प्रथम स्थान उनके सृजन की स्वीकृति के प्रमाण हैं।

संवेदनशीलता, सामाजिक सरोकार और स्त्री-अनुभूति की गहन अभिव्यक्ति उनकी रचनाशीलता की प्रमुख विशेषताएँ हैं। वे अपने समय और समाज की जटिलताओं को सहज, प्रभावी और मानवीय दृष्टि से अभिव्यक्त करती हैं।

संप्रति:
उर्जानगर ‘C’ ब्लॉक, बिजुरी, अनूपपुर (मध्य प्रदेश) में निवासरत रहकर स्वतंत्र लेखन एवं पटकथा लेखन में सक्रिय।