डॉ. अमरजीत कौंके (जन्म: 1964, लुधियाना)
समकालीन हिन्दी और पंजाबी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि, अनुवादक
और संपादक हैं। आपने एम.ए. (पंजाबी) तथा पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है और
वर्तमान में लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं।
डॉ. कौंके की रचनात्मकता का विस्तार हिन्दी और पंजाबी— दोनों भाषाओं में समान रूप से दिखायी देता है। पंजाबी में उनके प्रमुख
काव्य-संग्रह हैं— निर्वाण दी तलाश ‘च,
द्वंद कथा, यकीन, शब्द
रहिणगे कोल, स्मृतियां दी लालटेन, प्यास
तथा इस धरती ते रहिन्दिआं। वहीं हिन्दी में उनके चर्चित काव्य-संग्रह हैं— मुट्ठी भर रौशनी, अँधेरे में आवाज़, अंतहीन दौड़, बन रही है नई दुनिया और आकाश के पन्ने
पर।
एक सशक्त अनुवादक के रूप में उन्होंने हिन्दी और पंजाबी के बीच
सेतु का कार्य किया है। अब तक लगभग 40 पुस्तकों का अनुवाद प्रकाशित हो चुका है, जिनमें हिन्दी के प्रमुख लेखकों की कृतियाँ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त
बच्चों के लिए कविताओं और कहानियों की पाँच पुस्तकें भी प्रकाशित हैं।
संपादन के क्षेत्र में भी आपका महत्वपूर्ण योगदान है। वर्ष 2003
से आप पंजाबी की त्रैमासिक पत्रिका ‘प्रतिमान’ का निरन्तर संपादन कर रहे हैं।
आपको साहित्य अकादमी, दिल्ली द्वारा
साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही प्यास,
मुट्ठी भर रौशनी और आकाश के पन्ने पर जैसी कृतियों के लिए भाषा
विभाग, पंजाब द्वारा सर्वोत्तम पुस्तक पुरस्कार प्राप्त हुए
हैं। गुरु नानक विश्वविद्यालय, अमृतसर सहित अनेक प्रतिष्ठित
संस्थानों ने भी आपको सम्मानित किया है।
ईमेल: pratimaan@yahoo.co.in
