Wednesday, 11 February 2026

अर्चना त्यागी


मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में जन्मी अर्चना त्यागी साहित्य और शिक्षा—दोनों क्षेत्रों की सक्रिय, संवेदनशील और बहुआयामी हस्ताक्षर हैं। एम.एससी. (रसायन विज्ञान) एवं एम.एड. शिक्षित अर्चना जी लेखन, पठन-पाठन और रचनात्मक गतिविधियों में विशेष रुचि रखती हैं।

बाल साहित्य, कहानी और लघुकथा लेखन में आपकी विशिष्ट पहचान है। आपकी प्रमुख कृतियों में ‘चीनी का पेड़’ (बाल कहानी संग्रह), ‘दीवार के पार’ (पुरस्कृत कहानी संग्रह), ‘सपने में आना माँ’ (पुरस्कृत लघुकथा संग्रह), ‘अनवरत’, ‘काव्य अमृत’, ‘कथा संचय’, ‘और मानवता जीत गयी’, ‘सरहद पार’ (कहानी संग्रह, इंक पब्लिकेशन), ‘मुसीबतें पर्वत सही’ (कविता संग्रह), ‘तीसरा मोड़’ (कहानी संग्रह) सहित अनेक साझा एवं एकल संकलन शामिल हैं।

आपकी रचनाएँ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रही हैं। दिल्ली प्रेस की लोकप्रिय पत्रिकाओं—गृहशोभा, सरिता, चंपक आदि में भी आपका सतत लेखन प्रकाशित होता रहा है।

आपकी कहानियों का नियमित प्रसारण आकाशवाणी जोधपुर से होता रहा है तथा आकाशवाणी और दूरदर्शन देहरादून से भी रचनाओं का प्रसारण हुआ है। वर्ष 2023 से आप हिंदी लेखक परिवार मंच पर स्वर कलाकार के रूप में सक्रिय हैं।

अनेक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत अर्चना जी को उत्कृष्ट बाल साहित्यकार सम्मान (2024) — अणुव्रत विश्व भारती,
वैश्विक साहित्य सम्मान (2024) — निर्दलीय प्रकाशन,
सर्वश्रेष्ठ साहित्य सम्मान (2024) — नारी अस्मिता पत्रिका (‘सपने में आना माँ’ हेतु),
जयपुर साहित्य सम्मान (2025) — जयपुर साहित्य संगीति (‘दीवार के पार’ हेतु),
राष्ट्र शक्ति शिरोमणि सम्मान (2025) — संपर्क क्रांति परिवार,
मारवाड़ गौरव सम्मान (2025) — मारवाड़ सिविल सोसाइटी,
अभिनय कला रत्न सम्मान (2025) — हिंदुस्तानी भाषा अकादमी एवं “हम सब साथ साथ” प्रोडक्शन,
तथा सुभद्रा कुमारी चौहान सम्मान (2022) — गुफ्तगू संस्था सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है।

संप्रति आप सहायक आचार्या पद से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति के उपरांत स्वतंत्र लेखिका, स्वर कलाकार, मंच संचालक एवं कैरियर परामर्शदाता के रूप में सक्रिय हैं।

No comments:

Post a Comment